अष्टांग हृदयम आयुर्वेद के एक प्रमुख ग्रंथ हैं, जो हिंदू चिकित्सा पद्धति की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। यह ग्रंथ लगभग 1800 वर्ष पुराना है और इसका लेखन वाग्भट ने किया था। अष्टांग हृदयम का अर्थ है "आठ अंगों का हृदय" जो आयुर्वेद के आठ अंगों का वर्णन करता है।
अष्टांग हृदयम आयुर्वेद के एक प्रमुख ग्रंथ हैं, जो हिंदू चिकित्सा पद्धति की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। यह ग्रंथ लगभग 1800 वर्ष पुराना है और इसका लेखन वाग्भट ने किया था। अष्टांग हृदयम का अर्थ है "आठ अंगों का हृदय" जो आयुर्वेद के आठ अंगों का वर्णन करता है।